मौका मिलना चाहिए। इसलिए यदि हम युवक की शक्ति का सदुपयोग नहीं करेंगे तो दूसरा उसका दुरुपयोग करेंगे।‘फासिस्ट’ राष्ट्रों ने युवक की शक्ति के महत्व को समझा और अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसका दुरुपयोग किया। क्या हम राष्ट्र निर्माण के कार्य के लिए युवकों के अधिकार को स्वीकार नहीं करेंगे? मैं यह जानता हूँ कि प्रत्येक अधिकार के साथ कर्तव्य होता है कि ं तु आज की परिस्थिति में अधिकार को स्वीकार करके ही कर्तव्य की बात कही जा सकती है।स्थूल सत्य है कि आज की किसी भी समस्या का समाधान युवकों के सहयोग के बिना समुचित रूप से नहीं हो सकता।
10th - - I) ‘युवकों का समाज में स्थान’ लेख के प्रश्न . समाज का मुख्य आधार कौन है और क्यों? . बदलते परिप्रेक्ष्य में समाज की भूमिका कैसी होनी चाहिए?
. युवकों का समाज में क्या स्थान है? . युवकों के कौन-कौन से कर्तव्य और जिम्मेदारी है?
. समाज-कल्याण के लिए हमें कौन-कौन से सिद्धांतों को अपनाना होगा? . युवकों का समाज में स्थान निर्धारित कीजिए।
बहुत ही मीठे स्वरों के साथ II) सही या गलत चुनकर लिखिए . आचार्य नरेन्द्र देव का वैचारिक योगदान एवं मार्गदर्शन महनीय माना जाता है . वृद्धों का अनुभव ही समाज का मुख्य आधार होता है। .
नवयुवक समाज का नेतृत्व करने आगे आ रहे हैं। . लोकतंत्र अभ्यास का विषय है, . युवक शक्ति का भंडार होता है।
. आज पुराने युग का अंत हो रहा है। . समाज अपना आचरण और व्यवहार बदलने का प्रयत्न करता है।
10th - - पं. भगवती प्रसाद वाजपेयी पं. भगवती प्रसाद वाजपेयी की कहानियाँ कथ्य की दृष्टि से बेजोड़ हैं। भाव, भाषा एवं शैली की दृष्टि से ये कहानियाँ आधुनिक कहानी का प्रतिनिधित्व करती हैं।
पं. भगवती प्रसाद वाजपेयी जी की कहानियों की समीक्षाएँ तो की गई हैं परन्तु कथ्यात्मक सौन्दर्य का जैसा विवेचन श्रीराम वर्मा ने किया है, वैसा अन्यत्र दुर्लभ है। लेखक ने प्रत्येक कहानी के कथ्य को हर दृष्टिकोण से थाहा है और स्थापनाएँ दी हैं। श्रीराम वर्मा के इस शोध कार्य से कहानी विधा के