व्याकरण 10th - - .पुरुषवाचक सर्वनाम, .निजवाचक सर्वनाम, .निश्चयवाचक सर्वनाम, .अनिश्चयवाचक सर्वनाम .संबंधवाचक सर्वनाम, .प्रश्नवाचक सर्वनाम। पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के होते हैं- .उत्तम .मध्य .अन्य . पुरुषवाचक सर्वनाम : बोलने वाले, सुनने वाले और किसी अन्य का बोध कराने वाले उसके तीन भेद हैं- .उत्तम – मैं, हम .मध्य – तुम, आप .अन्य – यह, वह . निजवाचक सर्वनाम : स्वयं अर्थ का बोध कराने वाले।
उदाहरण : आप . निश्चयवाचक सर्वनाम : किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराने वाले। उदाहरण : यह, ये, वह, वे। .
अनिश्चयवाचक सर्वनाम : किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराने वाले। उदाहरण : कोई, कुछ . संबंधवाचक सर्वनाम : संबंध का बोध कराने वाले। उदाहरण : जो, सो .
प्रश्नवाचक सर्वनाम : प्रश्न का बोध कराने वाले। उदाहरण : कौन, क्या क्रिया जिससे किसी कार्य का करना या होना पाया जाए, उसे क्रिया कहते हैं। क्रिया के भेद .सकर्मक क्रिया .अकर्मक क्रिया .द्विकर्मक क्रिया . सकर्मक क्रिया – सकर्मक उस क्रिया को कहते हैं, जिसका कर्म होता है।
उदाहरण: राम काम करता है। 10th - - . अकर्मक क्रिया - अकर्मक उस क्रिया को कहते हैं, जिसका कर्म नहीं हो सकता। उदाहरण : राम आता है।
. द्विकर्मक क्रिया - द्विकर्मक उस क्रिया को कहते हैं, जिसके दो कर्म होते हैं। प्रधान कर्म और गौण कर्म। प्रधान कर्म कर्मकारक में और गौण कर्म संप्रदान कारक में होते हैं।
उदाहरण : मालिक नौकर को रुपये देते हैं। रुपये - प्रधान कर्म नौकर को - गौण कर्म विशेषण संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता (आकार, गुण , संख्या आदि) प्रकट करने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं। जिन शब्दों की विशेषता प्रकट की जाती है उन्हें विशेषण कहते हैं। विशेषण के चार भेद हैं।
.गुणवाचक विशेषण .संख्यावाचक विशेषण .परिणामवाचक विशेषण . सार्वनामिक या संकेतवाचक विशेषण (क) गुणवाचक विशेषण : संज्ञा या सर्वनाम के गुण, आकार, दशा आदि का बोध कराने वाला विशेषण। उदाहरण : वह सज्जन है। गोपाल लंबा है।
(ख) संख्यावाचक विशेषण : संज्ञा या सर्वनाम की संख्याका बोध कराने वाले विशेषण।