आकर कहा – बाबू, भीतर चलो, घनश्याम भीतर गये। माता ने उन्हें एक आसन पर बिठाया और उनकी भगिनी सरस्वती ने उनके तिलक लगाकर राखी बाँधी। घनश्याम ने दो अशरफियाँ उसके हाथ में रख दी। और मुसकुराकर बोले –क्या पैसे भी देने पड़ेंगे?
सरस्वती ने हँसकर कहा – नहीं भैया, ये अशरफियाँ पैसों से अच्छी हैं। इनसे बहुत पैसे आवेंगे। अभ्यास के लिए प्रश्न ) पर्व ‘रक्षा-बंधन’ की विशेषता एवं महत्व पर पाँच वाक्य लिखिए। ) रक्षा-बंधन का त्यौहार कब और क्यों मनाया जाता है?
) युवक ने बालिका से क्या कहा और क्या दिया? ) बालिका की खुशी का कारण बताइये। ) युवक की परेशानी का विवरण दीजिए। ) घनश्याम और अमरनाथ के बीच हुए संवाद का सार बताइये।
) घनश्याम स्त्री को देखकर क्यों विस्मित हो गया? ) ‘रक्षा-बंधन’ कहानी का सार अपने शब्दों में लिखिए। 10th - - संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जाति, भाव आदि का बोध कराने वाले शब्द संज्ञा कहलाते हैं। संज्ञा पाँच प्रकार के होते हैं वे व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा और समूहवाचक संज्ञा है।
. व्यक्तिवाचक संज्ञा : एक ही व्यक्ति अथवा वस्तु को बोध कराने वाला। उदाहरण : राम, सीता, दिल्ली, पुस्तक . जातिवाचक संज्ञा : एक ही जाति के प्राणियों या वस्तुओं का बोध करानेवाला।
उदाहरण : मनुष्य, हाथी, गाय . भाववाचक संज्ञा : किसी के गुण, धर्म या भाव का बोध करानेवाला।। उदाहरण : चालाकी, मिठास, वीरता . द्रव्यवाचक संज्ञा : द्रव्य का बोध करानेवाला।।
उदाहरण : सोना, चांदी, तांबा . समूहवाचक संज्ञा : अनेक पदार्थों अथवा समूह का बोध करानेवाला।। उदाहरण : सेना, गुच्छा, झुँड सर्वनाम जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं उन्हें सर्वनाम कहते हैं। जैसे – मैं, हम, तुम, आप आदि।
सर्वनाम के छ: भेद होते हैं।