आप करने से हो सकते हैं। कड़े-से-कड़े नियम आलसी समाज परिश्रमी अतिव्ययी को परिमित व्यसशील शराबी को संयमी, क्रोधी को शांत या सहनशील, कंजूसको उदार, लोभी को संतोषी मूर्ख को विद्वान, दपींध को नम्र, दुराचारी को सदाचारी, कदभ को उन्नत मना, दरिद्र भिखारी को आद्य, भीरू-डरपोक को वीर, धुरीण झूठे गपोड़िये को सच्चा, चोर को सहनशील, व्यभिचारी को एक पत्नी व्रतधारी इत्यादि नहीं बना सकता। किन्तु ये सब बातें हम अपने ही प्रयत्न और चेष्टा से अपने में ला सकते हैं।
📖 Samacheer Kalvi · SSLC - English Medium · Hindi · Page 37
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी · Part 5
Chapter 12: आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी · Hindi
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